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Essay On Bal Diwas In Hindi

Children’s Day Speech & Essay in Hindi

बाल दिवस पर भाषण व निबंध

किसी ने सच ही कहा है-

बच्चे भगवान का रूप होते हैं।

उनके मन में मैल या कपट नहीं होता है। वे सभी से निश्छल प्रेम करते हैं और बड़ों के दिए गए संस्कारों का पालन करते हैं। अपनी इसी निर्दोष वृति के कारण बच्चे लगभग सभी का मन मोह लेते हैं। और इन्ही प्यारे बच्चों को समर्पित होता है – बाल दिवस या Children’s Day.

बाल दिवस यानी बच्चों का दिन… एक ऐसा दिन जो सिर्फ बच्चों के लिए समर्पित है। यह दिन ख़ास है क्योंकि ये उन नौनिहालों का दिन है जो कल देश का भविष्य बनेंगे। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, संरक्षण व शिक्षा को बढ़ावा देना है।

बाल दिवस पूरे भारत में 14 नवम्बर को मनाया जाता है। भारत के पहले प्रधानमन्त्री पंडित जवाहरलाल नेहरु को बच्चे अत्यंत प्रिय थे और साथ ही बच्चों को भी पंडित नेहरु भी बहुत भाते थे। बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरु कह कर पुकारते थे। अतः जब 27 मई  1964 को पंडित नेहरु का देहांत हो गया तब सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उनके जन्मदिन – चौदह नवम्बर को ही “बाल दिवस” के रूप में मनाया जाएगा।

पंडित नेहरु का बच्चों से विशेष लगाओ उनके द्वारा अक्सर कहे जाने वाले इस कथन में दिखता है-

बच्चों का पालनपोषण सावधानी व प्रेमपूर्वक किया जाना चाहिए, क्योंकि वे देश का भविष्य और कल के नागरिक हैं.

बाल दिवस का इतिहास

यह हमारे लिए गर्व की बात है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिल्ड्रेन्स डे मनाने का प्रस्ताव पहली बार भारत के पूर्व रक्षा मंत्री  श्री वी के कृष्ण मेनन द्वारा दिया गया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा 20 नवम्बर 1959 को अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस (International Children’s Day) मनाने का निश्चय किया गया। चूँकि यह दिन बच्चों, जो किसी भी देश का भविष्य होते हैं, के कल्याण से जुड़ा था; अतः विश्व के सभी देशों ने इसे सहर्ष अपनाया और जल्द ही यह दिवस विश्वस्तर पर मनाया जाने लगा।

💡 1964 से पहले भारत में भी बाल दिवस 20 नवम्बर को ही मनाया जाता था।

Bal Diwas Essay in Hindi

बाल दिवस के मौके पर भिन्न-भिन्न राजकीय कार्यक्रम

इस दिवस पर जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देने के लिए कैबिनेट मंत्री गण, देश के अन्य उच्च अधिकारी व बच्चे नेहरू जी की समाधी  “शांतिवन” पर उन्हें नमन कर उनके चरणों में श्रद्धापुष्प अर्पित करते हैं। और उसके बाद जवारलाल नेहरू जी के विश्वशांति और भारतीय राजनीति के लिए दिये गए अभूतपूर्व योगदान के लिए सम्मान जताते हुए भजन और प्रार्थना का आयोजन किया जाता है।

बाल दिवस पर स्कूल का माहौल

बाल दिन के अवसर पर देश भर के स्कूल में विभिन्न कार्यक्र्म आयोजित किए जाते हैं। यह सारे रंगारंग कार्यक्रम विशेष आकर्षण उत्पन्न करते हैं। इस भव्य महोत्सव में विद्यार्थी-

  • देशभक्ति गीत
  • नाटक
  • डांस
  • वक्तृत्व भाषण
  • फैशन शो
  • निबंध लेखन
  • आदि

कलाओं का प्रदर्शन करते हैं। बाल दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले उत्साही बालक-बालिकाओं को स्कूल प्रशासन द्वारा उचित पुरस्कार प्रदान कर  प्रोत्साहित किया जाता है।

गरीब बच्चों के लिए बाल दिवस का महत्व

बाल दिवस समाज के उपेक्षित बच्चों के लिए किसी त्यौहार से कम नहीं होता है। चूँकि इस दिवस पर कई सामाजिक संस्थाओं और प्रशाशन द्वारा कई जगहों पर गरीब वर्ग के बच्चों के लिए विशेष उपहार वितरण का आयोजन किया जाता है। इस दिन पर बच्चों को नयी किताब, कपड़े और खिलौने और उनकी ज़रूरत की अन्य चीज़ें दिला कर उनका दिल जीता जाता है।

गरीब, असहाय बच्चों को उनका बचपन दिलान की दिशा में नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाले कैलाश सत्यार्थी का काम उल्लेखनीय है। उन्होंने

मैं ऐसी दुनिया का ख्वाब देखता हूँ जहाँ बाल श्रम ना हो, एक ऐसी दुनिया जिसमे हर बच्चा स्कूल जाता हो। एक दुनिया जहाँ हर बच्चे को उसका अधिकार मिले।

बाल दिवस पर मीडिया का रुझान

इस कल्याणकारी अवसर पर टेलीविज़न और रेडियो पर आकर्षक कार्यक्रम प्रसारित किए जाते हैं। जिनमें चाइल्ड वेलफेयर और चाइल्ड राइट्स से जुड़े अन्य मुद्दों को उजागर किया जाता है। इनके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री श्री जवाहरलाल नेहरू जीवन चरित्र और उनके समाज कल्याण कार्यों से जुड़े कार्यक्रम भी दर्शाये और सुनाये जाते हैं। इंटरनेट और समाचार पत्रों पर भी बाल दिवस से जुड़े लेख पब्लिश होते हैं। इस मौके पर कई राजनेता टीवी और अखबार में अपने इंटरव्यू दे कर बाल दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हैं। और बाल कल्याण के लिए सरकार की भावी योजनाओं की चर्चा करते हैं।

💡 भारत की तरह ही कई अन्य देशों में भी बाल दिवस 20 नवम्बर की जगह किसी और दिन मनाया जाता है. जैसे कि- दक्षिण कोरिया में 5 मई को,तुर्की में 23 अप्रैल को, इत्यादि।

बाल दिवस पर आप बच्चों के लिए ज़रूर कुछ करें

हम सभी कभी न कभी बच्चे होते हैं, इसलिए इस दिन को विशेष महत्त्व दें और निम्नलिखित चीजें करने का प्रयास करें-

  • बच्चों का दिल ना दुखाएं।
  • बच्चों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों से अवगत कराएं।
  • किसी गरीब-ज़रूरतमंद बच्चे को कुछ तोहफ़ा दे कर उसके चेहरे पर मुस्कान लाएँ।
  • बच्चों को बाल दिवस का गौरवपूर्ण इतिहास बताएं।
  • बाल दिवस अवसर पर स्कूल में होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें।
  • किसी भी जगह पर बच्चों के साथ अन्याय अथवा दुराचार हो रहा है तो उस बात की खबर सार्वजनिक कर दें और पुलिस प्रशासन को भी सूचित करें।
  • यह प्राण लें कि किसी कम उम्र के बच्चे को काम पर गा कर उसका बचपन बर्बाद नहीं करेंगे।

ज़रूर पढ़ें : बचपन – बाल दिवस पर हिंदी कविता 

बाल दिवस पर माता-पिता का कर्तव्य

इस भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में कई अभिभावक अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते। इसलिए बाल-दिवस के दिन जानबूझ कर बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं। संभव हो तो इस इस ख़ास दिन पर अपने बच्चों को आकर्षक पर्यटन स्थल पर घूमने फिरने या शहर के ही अच्छे पार्क में ले जाएं। आप उन्हें बच्चों की मूवी भी दिखा सकते हैं और उनकी पसंदीदा चीजें भी खिला सकते हैं। साथ ही आप इस दिन उनकी कोई पुराने डिमांड पूरी कर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेर सकते हैं।

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बाल दिवस पर आम नागरिक और प्रशासन का कर्तव्य

लोकशाही अर्थव्यवस्था में देश के नागरिक मतदान कर के सरकार का चुनाव करते हैं। यानी की देश को चलाने वाले लीडर हम आम नागरिक द्वारा ही चुने गए होते हैं। हमारे देश में बच्चों के विकास के लिए क्या कार्य किए जा रहे हैं। और क्या विषेश अवकाश है, इस बात पर चिंतन करना चाहिए। और अगर बाल विकास से जुड़ी कोई उपयोगी योजना का प्रयोजन बने तो समूह बना कर प्रशासन के सामने विधिवत प्रस्ताव रखना चाहिए। देश के प्रशासन को नागरिकों द्वारा दिये गए प्रस्ताव पर उचित विचारविमश कर के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उत्साहपूर्वक कार्य करने चाहिए।

मित्रों, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति हर्बर्ट हूवर ने कहा था-

बच्चे हमारे सबसे मूल्यवान प्राकृतिक संसाधन हैं।

हमारा कर्तव्य है कि हम भगवान की इन अनमोल भेंट को प्रेमपूर्वक संभालें और उनके कल्याण के लिए हर सम्भव कदम उठाएं। चलिए हम  हर दिन बाल दिवस मनाएं!

AchhiKhabar.Com के सभी पाठकों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

Team AKC

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बाल दिवस के लिए भाषण व निबंध Childrens Day Speech Essay in Hindi (Happy Children’s Day 2018) बाल दिवस की शुभकामनायें

बाल दिवस Children’s Day को पंडित जवाहरलाल नेहरु जी के जन्म दिवस 14 नवम्बर पर मनाया जाता है। यह उत्सव पुरे भारत में धूम-धाम से मनाया जाता है। यह त्यौहार हम बच्चों के शिक्षा के अधिकार के विषय में लोगों को जागरूक करने के लिए मनाते हैं।

आज इस पोस्ट से हम जान सकेंगे कि –

बाल दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
बाल दिवस का महत्व हमारे जीवन में कितना है?

इस पोस्ट में हमने आसान शब्दों में बाल दिवस पर भाषण (Childrens Day Speech in Hindi) और बाल दिवस पर निबंध(Childrens Day Essay in Hindi) प्रस्तुत किया है।इस पोस्ट से स्कूल के छात्रों को बाल दिवस पर प्रतियोगिताओं में मदद मिल सकता है।

2018 बाल दिवस के लिए भाषण व निबंध Childrens Day Speech Essay in Hindi

बाल दिवस के लिए निबंध Childrens Day Essay in Hindi

Children’s Day बाल दिवस प्रतिवर्ष 14 नवम्बर को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी के जन्म दिवस पर बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसके मनाने का मुख्य कारण देश के महान नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ देश भर के बच्चों की स्तिथि में सुधर लाना है।

बच्चे जवाहर लाल नेहरु जी को प्यार से चाचा नेहरु कह कर बुलाते थे और नेहरु जी भी उनसे बहुत प्यार करते थे। चाचा नेहरु एक बड़े व्यक्ति और नेता होने के बाद भी बच्चों से मिलते थे और उनसे बाते करते थे। उसी भाव के कारण उनके जन्म दिन को बाल दिवस के रूप में भारत में मनाया जाता है।

इस दिन को राष्ट्रीय तौर पर लगभग सभी स्कूलों और कॉलेजों में धूम धाम से मनाया जाता है। यह दिन स्कूल में खासकर बच्चों को ढेर सारी ख़ुशीयाँ देने के लिए मनाया जाया है।

इस दिन सभी स्कूल खुले रहते हैं और स्कूलों में कई प्रकार के आयोजन और सांस्कृतिक प्रोग्राम भी होते हैं। यह सभी प्रोग्राम खासकर शक्षकों द्वारा अपने छात्रों के लिए आयोजित करते हैं।

इसमें तरह-तरह के प्रोग्राम जैसे भाषण देना, गीत गाना, नृत्य, चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, कहानी प्रस्तुति, वाद-विवाद प्रतियोगिता, कविता या फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित किये जाते हैं। इन प्रतियोगिताओं में जितने वाले बच्चों या विद्यार्थियों को स्कूल प्रशासन द्वारा पुरस्कृत किया जाता है।

बच्चे इस दिन को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि वे इस दिन किसी भी प्रकार के रंगीन कपडे पहन कर स्कूल जा सकते हैं। उत्सव के अंत में सभी बच्चों को मिठाइयाँ और चॉकलेट बांटे जाते हैं। स्कूल और कॉलेज के कुछ शिक्षक भी विभिन्न प्रोग्राम में भाग लेते हैं जैसे ड्रामा, नृत्य।

कई स्कूलों में इस दिन बच्चे और शिक्षक मिल कर पिकनिक भी जाते हैं। इसी दिन टेलीविज़न या रेडियो पर बाल दिवस से जुड़े कई प्रोग्राम बच्चों को सम्मान देने के लिए प्रस्तुत किये जाते हैं क्योंकि आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं।

बच्चे देश का मूल्यवान संपत्ति हैं और वही भविष्य के लिए आशा हैं। देश के सभी लोग बच्चों के स्तिथि के विषय में अच्छे से सोचें यह सोच कर चाचा नेहरु ने अपने स्वयं के जन्म दिन को Childrens Day बाल दिवस मनाने के लिए चुना था।

बाल दिवस के लिए भाषण Childrens Day Speech in Hindi

माननीय प्रधानाचार्य महोदय, अध्यापकगण, और मेरे प्यारे मित्रों, आप सभी को मेरी तरफ से शुभ प्रभात। यह हम सभी के लिए बहुत ही ख़ुशी की बात है की आज हम सब आज बाल दिवस के अवसर पर यहाँ एकत्र हुए हैं।

इस शुभ अवसर पर बाल दिवस के विषय में अपने कुछ विचार आप सबके साथ व्यक्त करना चाहता हूँ। बच्चे इस समाज और घर की खुशियाँ हैं और साथ ही वे देश का भविष्य भी हैं।

हमें बच्चों के महत्व को उनके माता-पिता, शिक्षक, और जीवन के अन्य सभी लोगों के साथ भागीदारी को नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए। बच्चों के बिना यह जीवन पूरी तरीके से बोरिंग है। बच्चों का दिल बहुत ही साफ़ होता है उनके हर बात में सच्चाई छलकती है।

बाल दिवस प्रतिवर्ष बच्चों को सम्मान और शुक्रिया देने के लिए मनाया जाता है। यह उत्सव अन्य-अन्य देशों में अलग-अलग तारीखों में मनाया जाता है। भारत में हर साल हम 14नवम्बर को हमारे प्रथम प्रधानमंत्री, महान स्वतंत्रता सेनानी, पंडित जवाहरलाल नेहरु के जन्म दिवस पर मनाते हैं।

वे एक राजनीतिक नेता थे जो बच्चों के साथ बहुत समय बिताते थे और बच्चों के भी प्यारे थे। बाल दिवस पर बच्चे ढेर सारी खुशियाँ मनाते हैं। यह दिन हमको बच्चों के प्रति हमारे प्रण को याद दिलाता है जो हमने बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य, शिक्षा और अच्छे जीवन के लिए लिया था।

बच्चे मजबूत राष्ट्र के लिए निर्माण ब्लाक के जैसे काम आते हैं। बच्चे होते तो छोटे हैं पर उनमें ही देश को सकारात्मक तरीके से आगे ले जाने की क्षमता होती है। बाल दिवस के कारण  हमें बच्चों के सही अधिकारों के विषय में पता चलता है और पता चलता है कि उन्हें सही सुविधाएँ मिल रही हैं या नहीं।

बच्चे ही कल के नेता हैं इसलिए उनको सम्मान, सही देखभाल, माता पिता से सुरक्षा मिलना चाहिए। आज हम आपको बच्चों के कुछ अधिकारों के विषय में बताने जा रहे हैं।

  • बच्चों को उनके माता-पिता से सही देखभाल और प्यार मिलना चाहिए।
  • बच्चों को स्वस्थ और पोषक खाना, साफ़-सुथरे कपडे, और सुरक्षा मिलना चाहिए।
  • बच्चों को स्वस्थ खुले मन से रहने का वातावरण मिलना चाहिए तथा मनोरंजन की सुविधा भी मिलनी चाहिए।
  • बच्चों को पूर्ण रूप से शिक्षा मिलनी चाहिए।
  • अपांग और बीमार बच्चों को अच्छा देखभाल मिलना चाहिए।

चलिए हम सब हाथ से हाथ मिला कर कसम खाएं कि हम अपने देश के भविष्य के नेताओं का अच्छा देखभाल और उनका सम्मान करेंगे जिससे की हम एक सुन्दर देश का निर्माण कर सकें।

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